संस्कृति, यह जटिल रूप है, जो किसी जनसंख्या के अस्तित्व को परिभाषित करती है। उसमें धारणा, मान, आदत, कला और भाषा जैसे कई अवयव शामिल होते हैं। संस्कृति पीढ़ी दर वंश पुनः प्रसारित होती है और निरंतर रूपांतरणशील रहती है, बाहरी प्रभावों और अंदरूनी आवश्यकताओं के मुकाबला करते हुए उत्कर्ष होती है। यह हमारे